MLA Full Form In Hindi — MLA का फुल फॉर्म

MLA जिसे आम भाषा में हम विधायक भी कहते हैं। आप तो इस बात से परिचित हैं ही कि भारत एक लोकतांत्रिक एवं शक्तिशाली देश है, हर लोकतांत्रिक देश को चलाने के लिए उसके नेता होते हैं। सबसे बड़ी बात है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, इस लोकतांत्रिक देश को चलाने के लिए सरकार को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। पर उनमें से दो मुख्य — केंद्र सरकार और राज्य सरकार हैं। आज हम इस लेख में राज्य सरकार के MLA यानी MLA Full Form In Hindi में बताने की कोशिश की है, और MLA यानी विधायक के कार्य और उनके कर्तव्य के बारे में हमने इस लेख में कुछ जानकारियां लिखी हैं, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं, आप इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

MLA Full Form In Hindi

MLA Full Form In Hindi

MLA का फुल फॉर्म Member of the Legislative Assembly होता है, जिस का हिंदी अर्थ “विधान सभा के सदस्य” है।

विधान सभा क्या है?

विधान सभा भारत के राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश का एक Legislative Body यानी वैधानिक निकाय है; इस विधान सभा में ही MLA यानी विधानसभा के सदस्य बैठते हैं।

आप यह जान ले कि हर एक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश का अलग-अलग विधान सभा होता है, जहां उस राज्य के विधायक यानी एमएलए बैठते हैं, और अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।

भारत के हर राज्य में विधान सभा का चुनाव 5 वर्षों में एक बार होता है, अरे ऐसा नहीं है कि 5 वर्षों में सभी राज्यों में एक ही समय विधान सभा का चुनाव होता है। हर राज्यों के विधानसभा के चुनाव होने का समय हर राज्य से आगे पीछे होता है, कभी भी 2 राज्यों के विधान सभा का चुनाव एक साथ नहीं होता है।

MLA Meaning In Hindi - MLA क्या है?

भारत के किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा के सदस्य को MLA यानी विधायक कहा जाता है, MLA को विधानसभा क्षेत्र के वोटरों द्वारा चुना जाता है।

भारत के हर राज्य में एमएलए की संख्या; उस राज्य के क्षेत्रफल एवं जनसंख्या पर निर्भर करता है। कहने का अर्थ यह है कि जिस राज्य की जनसंख्या और क्षेत्रफल जितना अधिक होगा उस राज्य में एमएलए की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी।

आप तो इस बात को जानते ही होंगे भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, इसलिए यहां एमएलए की संख्या भी अधिक है, जोकि 403 है। और अगर हम बात करें भारत के सबसे कम जनसंख्या वाले राज्य की, तो वह Sikkim है; और यहां एमएलए की संख्या केवल 32 ही है।

MLA के कार्य

एमएलए के कुछ मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं।

-> एमएलए का कार्य लोगों की इच्छा यानी लोग जनता की मांगों को राज्य सरकार और केंद्र सरकार तक पहुंचाना है।

-> एमएलए अपने विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, और उस क्षेत्र में उत्पन्न हुई समस्याओं का हल करता है।

-> एमएलए विधानसभा क्षेत्र की तरक्की और उन्नति के लिए सरकार द्वारा दिए गए फंड का कमाल करता है, ताकि उसके क्षेत्र के सभी जनता को हर सुख-सुविधा पहुंच सके।

MLA की योग्यता

किसी व्यक्ति को एमएलए विधानसभा का सदस्य बनने के लिए उसमें निम्नलिखित योग्यताएं होनी चाहिए।

-> व्यक्ति भारत का निवासी होना जरूरी है।

-> किसी व्यक्ति को एमएलए बनने के लिए, उस व्यक्ति का उम्र कम से कम 25 वर्ष‌ होना आवश्यक है।

-> व्यक्ति को अपने राज्य के ही किसी भी विधानसभा क्षेत्र का वोटर होना आवश्यक है।

-> व्यक्ति का मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी अवश्य है।

MLA की अवधि

भारत के किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा सदस्य यानी एमएलए की कार्य अवधि केवल 5 वर्ष होती है। 5 वर्ष पूरे होने पर एमएलए की कार्यपालक खत्म हो जाता है, यदि व्यक्ति दोबारा से एमएलए बनने की इच्छा रखता है तो वह दोबारा विधानसभा चुनाव में खड़ा हो सकता है, इसकी पूरी आजादी मिलती है।

यदि किसी एमएलए का कार्य पाल 5 वर्ष से पहले खत्म करना हो तो, उस राज्य के मुख्यमंत्री के अनुरोध करने पर राज्य के राज्यपाल उसे हटा सकते हैं।

आपातकाल की स्थिति में किसी विधानसभा सदस्य का कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है, परंतु एक समय में किसी विधानसभा सदस्य का कार्यकाल केवल छह महा तक ही बढ़ाया जा सकता है।

MLA को मिलने वाली सुविधाएं

किसी विधानसभा सदस्य को सरकार द्वारा बहुत सारे लाभ प्रदान किए जाते हैं, पर हर राज्य में लाभ अलग-अलग हैं। किसी राज्य में तो एमएलए की मासिक वेतन ढाई लाख रुपए तक है। इसके अलावा एमएलए को मुफ्त चिकित्सक‌ सेवा, सरकार द्वारा मुफ्त गाड़ी, और अन्य कई सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।

जब एक बार किसी एमएलए का 5 वर्षों का कार्यकाल खत्म हो जाता है, तो उसके कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रतिमाह ₹30,000 का पेंशन भी मिलता है।

MLA कैसे बने

यदि आप एमएलए बनने की इच्छा रखते हैं तो आपको अपने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाग लेना होगा, और उसमें पूर्ण बहुमत से जीत हासिल करनी होगी।

विधानसभा चुनाव में भाग लेने के लिए आपको किसी पार्टी से जुड़ना होता है, यानी आप किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से खड़े होते हैं। यदि आप किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से नहीं खड़े होना चाहते हैं, तो आप निर्दलीय भी खड़े हो सकते हैं, निर्दलीय यानी वह जो किसी पार्टी का समर्थन नहीं देता।

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