Email क्या है, एवं कितने प्रकार के होते है?

Email

ईमेल भेजना या ईमेल प्राप्त करना आज इंसानों की एक मुख्य जरूरत बन गई है, वर्तमान में ज़्यादातर लोग अपने व्यापार से जुड़े सारे बात-चित ईमेल के माध्यम से ही करना पसंद करते हैं। वैसे तो ईमेल हमारे इंटरनेट से भी पुराना है, पर अधिकांश लोग अब भी ऐसे हैं जिन्हें “ईमेल क्या है?” यह जानकारी तक प्राप्त नहीं होती है। तो हमने यह विचार किया कि क्यों ना हम एक लेख लिखें और उस पर ईमेल से जुड़ी संपूर्ण जानकारी आपके साथ सरल शब्दों में साझा करने की प्रयास करें। यदि आप ईमेल के बारे में जानने के लिए थोड़े भी इच्छुक हैं, तो यह लेख आपके लिए अवश्य ही ज्ञानवर्धक प्रतीत हो सकती है। आप इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

ईमेल क्या होता है?

ईमेल यानी इलेक्ट्रॉनिक मेल एक कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, आदि) से दूसरे कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, आदि) पर कोई सूचना या संदेश (जैसे: मैसेज, फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट, आदि) भेजने की एक विधि है।

ईमेल के बारे में।

विश्व में ईमेल की मौजूदगी सबसे पहले 1960 में हुई थी, लेकिन उस समय यूजर केवल कंप्यूटर की मदद से उसी को ईमेल भेज सकते थे जो एक जैसे कंप्यूटर का इस्तेमाल करता थे। इसका सरल अर्थ यह हुआ कि बीते समय यानी जब इमेल नई नई आई थी उस समय में यदि आपको अपने मित्र को ईमेल भेजना होता तो आपके पास जो कंप्यूटर होता वैसा ही कंप्यूटर आपके मित्र के पास भी रहता तभी आप ईमेल भेज पाते। लेकिन अब तो आप किसी भी एक कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, आदि) से किसी भी आने दूसरे कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, आदि) पर ईमेल भेज सकती हैं।

बीते समय यानी जब ईमेल नया नया आया था उस समय में ईमेल भेजने के लिए एक समान कंप्यूटर होने के अलावा, ईमेल भेजने और ईमेल प्राप्त करने वाले दोनों को ऑनलाइन होना भी अनिवार्य होता था तभी ई-मेल भेजा या प्राप्त किया जा सकता था। यह फिर आप यू कह ले की जैसे व्हाट्सएप पर हम वर्तमान में कोई मैसेज प्राप्त करने या भेजने के लिए ऑनलाइन होना होता है, उसी प्रकार इमेल प्राप्त करने या भेजने के लिए भी बीते वक्त में ईमेल भेजने वाले और ईमेल प्राप्त करने वाले दोनों को ऑनलाइन रहना पड़ता था।

आज हम जो ईमेल इस्तेमाल कर रहे हैं इनका पूरा श्रेय Ray Tomlinson‌ को ही जाता है, या फिर आप यूं कह ले की ईमेल के आविष्कारक Ray Tomlinson है। क्योंकि इन्होंने ही 1971 में ईमेल भेजने की एक ऐसे सिस्टम की निर्माण की जिसकी सहायता से ARPANET (जिसे वर्तमान में हम INTERNET के नाम से जानते हैं।) पर यूजर किसी को भी ईमेल भेज सकते थे एवं किसी भी यूजर से इमेल प्राप्त कर सकते थे चाहे उनके पास एक जैसा कंप्यूटर हो या ना हो। ARPANET पर ईमेल भेजने के लिए @ [at] चिह्न का उपयोग किया जाता था, जो किसी यूज़र नाम के सर्वर से जुड़ा होता था। 1970 के दशक में यह ईमेल भेजने या ईमेल प्राप्त करने का एक मुख्य तरीका बन गया।

अब तक तो आप इस बात से अवगत हो ही गए होंगे कि ईमेल कंप्यूटर सिस्टम पर कार्य करता है, यानी यह एक इंटरनेट का मूल रूप है। वर्तमान में ईमेल store-and-forward मॉडल पर आधारित है, वर्तमान में मेरे सर पर ईमेल को एक्सेप्ट, फॉरवर्ड, डिलीवर एवं स्टोर भी करते हैं। वर्तमान में ईमेल भेजने या प्राप्त करने के लिए कभी भी ईमेल भेजने वाले और इमेल प्राप्त करने वाले दोनों को ऑनलाइन होने की आवश्यकता नहीं होती है, कोई भी किसी वक्त भी ईमेल भेज सकता है, और प्राप्त किए गए ईमेल को ई-मेल को पढ़ या डाउनलोड सकता है।

ईमेल के प्रकार।

ई-मेल के मुख्यता: तीन प्रकार हैं, जो निम्नलिखित हैं।

१. वेब आधारित ईमेल

२. POP3 ईमेल सर्वर

३. IMAP ईमेल सर्वर

वेब आधारित ईमेल

वर्तमान में बहुत सारे ऐसे ई-मेल प्रदाता (जीमेल, याहू मेल, आउटलुक, आदि) हैं, जो वेब आधारित इमेल सेवाओं को प्रदान करते हैं। ‌वेब आधारित ईमेल में यूजर को अपने अकाउंट को किसी भी वेब ब्राउज़र पर लॉगिन करके ई-मेल को भेजना या प्राप्त करना होता है। वेब आधारित ईमेल पर यूजर को प्राप्त किए ई-मेल या भेजे ई-मेल को डाउनलोड करने की सुविधा नहीं होती है, वेब आधारित ईमेल पर जितने भी ईमेल आते हैं, या इसकी सहायता से जितनी भी ईमेल भेजे जाते हैं यह सर्वर पर ही अपलोड रहते हैं और इसे केवल इंटरनेट की सहायता से देखा या पढ़ा जाता सकता है। अतः इसे डाउनलोड नहीं किया जा सकता है।

POP3 ईमेल सर्वर

POP3 ईमेल सर्वर या पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल 3 ईमेल सर्वर ई-मेल को पढ़ने, देखने या प्राप्त करने का एक प्रोटोकॉल यानी तरीका है। पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल 3 से प्राप्त किए गए “ईमेल” सर्वर पर Save नहीं होते रहते हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल 3 के सहायता से जितने भी इमेल प्राप्त होते हैं वह तब तक सर्वर पर उपस्थित रहते हैं जब तक ईमेल को यूजर द्वारा डाउनलोड ना कर लिया जाए, जैसे ही यूजर ईमेल को डाउनलोड कर लेता है तो तुरंत ही सर्वर पर से ईमेल डिलीट हो जाती है। और फिर डाउनलोड किए गए ईमेल को आप बिना इंटरनेट की सहायता से ऑफलाइन भी पढ़‌ या देख सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए एक तथ्य भी बता दूं कि POP3 से प्राप्त हुए ईमेल को केवल एक जगह यानी किसी एक कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, या लैपटॉप में से एक में) ही पढ़ा या देखा जा सकता है।

IMAP ईमेल सर्वर

IMAP ईमेल सर्वर या Internet Message Access Protocol ईमेल सर्वर भी POP3 ईमेल सर्वर की तरह ही ईमेल देखने पढ़ने या प्राप्त करने का एक प्रोटोकॉल यानी जरिया है। IMAP POP3 के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि IMAP ईमेल सर्वर द्वारा प्राप्त की गई ईमेल डाउनलोड होने के बाद भी सर्वर से डिलीट नहीं होती है, और इस ईमेल सर्वर द्वारा प्राप्त किए गए ईमेल को एक से अधिक कंप्यूटर (जैसे: मोबाइल, लैपटॉप, आदि) भी पढ़ा या देखा जा सकता है। IMAP द्वारा प्राप्त किए गए ईमेल में ई-मेल का विषय, ई-मेल का हेडर, तथा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति/कंपनी का पूर्ण विवरण भी बताता है।

जैसा कि आपने उपर्युक्त देखा कि ईमेल प्राप्त करने के लिए दो ईमेल सर्वर POP3 एवं ‌IMAP हैं। इसी तरह ईमेल भेजने के लिए केवल एक ईमेल सर्वर है, जो SMTP हैं।

निष्कर्ष।

आशा है! आपको उपयुक्त जानकारियां ज्ञानवर्धक प्रतीत हुई होंगी, एवं आपको ईमेल से जुड़ी तमाम रोचक जानकारियां प्राप्त करने को मिली होंगी। यदि आपको हमारी यह लेख वास्तव में ज्ञानवर्धक लगी तो इसे अपने मित्रों के साथ आप फेसबुक, व्हाट्सएप, आदि पर अवश्य ही शेयर करें ताकि ज्ञानदीप को और भी आपके जैसे हिंदी पाठकों तक पहुंचने का मौका मिले।

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