संज्ञा की परिभाषा (Sangya Ki Pribhasa) और उसकी संपूर्ण जानकारी।

संज्ञा हिंदी व्याकरण का एक समान अध्यय है, हिंदी व्याकरण की बुनियादी जानकारी के लिए आपको यह जानकारी प्राप्त होना अवश्य है कि संज्ञा किसे कहते है एवं संज्ञा के कितने भेद होते है।

संज्ञा किसे कहते है?

ब्राह्मण में स्थित किसी भी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, भावना, विचार, आदि के नाम को संज्ञा कहते है।

संज्ञा के उदाहरण:

राम एक लड़का है।
वे लोग आम खाते हैं।
यह पहाड़ सोना का है।
ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है।
हमलोग बच्चों को प्यार करते हैं।
यह एक तेल का कुआं है।
पटना एक विशाल शहर है।
आर्मी बॉर्डर पर जंग लड़ रही है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग शब्द राम, लड़का, आम, पहाड़, सोना, ईमानदारी, बच्चों, तेल, कुआं, पटना, शहर, बॉर्डर एवं आर्मी संज्ञा के उदाहरण हैं।

संज्ञा के कितने भेद/प्रकार होते है?

संज्ञा के भेदों को तीन दृष्टिकोण में वर्गीकृत किया गया है, एवं वह तीनों दृष्टिकोण निम्नलिखित हैं।

पारंपरिक दृष्टिकोण
आधुनिक दृष्टिकोण
वर्तमान दृष्टिकोण

पारंपरिक दृष्टिकोण से संज्ञा के कितने भेद/प्रकार होते है?

पारंपरिक दृष्टिकोण से संज्ञा के मुख्यत: पांच प्रकार होते हैं, एवं वह पांच प्रकार निम्नलिखित है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा
समूहवाचक संज्ञा
द्रव्यवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते है?

ब्रह्मांड के किसी विशेष वस्तु, व्यक्ति, स्थान या जानवर के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है।

नोट:

संसार के किसी भी व्यक्ति (स्त्री या पुरुष) का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — राम, रहीम, गीता, एलेक्स, इत्यादि।

संसार के किसी भी देश का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। ‌जैसे — भारत, पाकिस्तान, चीन, अमेरिका, इत्यादि।

संसार के किसी भी शहर का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — पटना, लंदन, इस्लामाबाद, दिल्ली, इत्यादि।

आकाश में मौजूद प्रत्येक तारे, ग्रह, एवं चंद्रमा का नाम‌ यानी आकाशीय पिंड का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — सूर्य, पृथ्वी, चांद, इत्यादि।

वर्ष के महीने के नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होते है। जैसे — जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, इत्यादि।

सप्ताह के दिनों के नाम के नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होते है।‌ जैसे — सोमवार, मंगल, बुध, बृहस्पतिवार, इत्यादि।

संसार में स्थित किसी नदी का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — यमुना, गंगा, सरस्वती, इत्यादि।

संसार में महासागरों का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — हिंदी महासागर, अरब महासागर, इत्यादि।

संसार में बोले जाने वाली तमाम भाषाओं का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। ‌जैसे — हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, मैथिली, फारसी, अरबी, संस्कृत, इत्यादि।

संसार में स्थित किसी भी पर्वत का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — हिमालय, के-2, इत्यादि।

संसार में से किसी भी धार्मिक या प्रसिद्ध किताब का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। जैसे — बाइबल, गीता, कुरान मस्जिद, रिच डैड पुअर डैड, विंग्स ऑफ फायर, इत्यादि।

संसार में छपने वाली किसी भी समाचार पत्र का नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होता है। ‌जैसे — प्रभात खबर, हिंदुस्तान टाइम्स, दा हिंदू, इत्यादि।

उपयुक्त श्रेणी में आने वाले जितने भी नाम हैं उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि केवल इन्हें ही व्यक्तिवाचक संज्ञा कहां जाता है इनके अलावा और भी हैं जिन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में रखा गया है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण:

सीता मंच पर नाच रही है।
हमलोग राम की बात सुन रहे हैं।
भारत एक शक्तिशाली देश है।
गंगा एक पवित्र नदी है।
प्रभात खबर एक हिंदी समाचार पत्र है।
हिमालय विश्व का सबसे ऊंचा पर्वत है।
वे लोग सोमवार को जा रहे हैं।
गया एक छोटा शहर है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द सीता, राम, भारत, गंगा, प्रभात खबर, हिमालय, सोमवार एवं गया व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।

जातिवाचक संज्ञा किसे कहते है?

जो संज्ञा किसी वस्तु, स्थान, व्यक्ति, जानवर आदि के संपूर्ण जाति का वर्णन करता है, उन्हें जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण:

गाय दूध देती है।
दिल्ली एक विशाल शहर है।
हमलोग भारत देश में रहते हैं।
मानव नरभक्षी नहीं होते हैं।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयुक्त शब्द गाय, शहर, देश‌ एवं मानव जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण है; क्योंकि यह संपूर्ण जाति का बोध या वर्णन कर रहे है।

नोट: गाय, शहर, देश‌ एवं मानव हैप्पी वाचक संज्ञा इसलिए है क्योंकि सभी गाय दूध देती हैं; शहर कोई व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं हो सकता क्योंकि पूरे संसार में एक से अधिक शहर हैं; उसी प्रकार पूरे संसार में देश में 1 से अधिक है इसलिए देश एक जातिवाचक संज्ञा है; एवं मानव इस शब्द से साफ पता चल रहा है कि यहां पूरी मानव जाति की बात की जा रही है, ना की किसी एक व्यक्ति का।

व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में क्या अंतर है?

व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में एक मात्र अंतर यह है कि व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी खास व्यक्ति वस्तु या स्थान का नाम होता है, और जातिवाचक संज्ञा उस पूरे समुदाय या जाति का नाम होता है।

उदाहरण:

पटना एक शहर है।

उपर्युक्त वाक्य में पटना एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है, क्योंकि यहां पूरे विश्व में केवल एक है; एवं शहर जातिवाचक संज्ञा है, क्योंकि शहर शब्द से पूरी जाति का बोध हो रहा है।

समूहवाचक संज्ञा किसे कहते है?

जो संज्ञा व्यक्ति या वस्तु के समूह का वर्णन करता है, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते है।

समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण:

बच्चे कक्षा में पढ़ रहे हैं।
आर्मी देश की रक्षा कर रही है।
भीड़ एक आदमी को पीट रही है।
चाभी का गुच्छा दीवार पर टंगा है।
हमारी टीम ने मैच जीता है।
राम इस ग्रुप का सदस्य है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द कक्षा, आर्मी, भीड़, गुच्छा, टीम एवं ग्रुप समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण है, क्योंकि उपर्युक्त शब्द एक से अधिक वस्तु या व्यक्ति को बोध कर रहे हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते है?

वह संज्ञा या पदार्थ जिसने माप या तैल सकते हो लेकिन उनकी गिनती नहीं कर सकते हो, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है।

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण:

तेल एक तरल पदार्थ है।
नदी में पानी नहीं है।
यह कुर्सी लकड़ी की बनी है।
इस शहर की हवा दूषित है।
मेरे पास सोने का सिक्का है।
उसने मेरी लोहे की हथौड़ी चुराई है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द तेल, पानी, लकड़ी, हवा सोना एवं लोहा द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं, क्योंकि उपयुक्त वाक्यों में प्रयुक्त पदार्थों को हम माप या तैल तो सकते हैं लेकिन गिन नहीं सकते है।

भाववाचक संज्ञा किसे कहते है?

किसी गुण, विचार, भावना आदि का नाम जिसे हम छू या देख नहीं सकते हो, केवल महसूस कर सकते हो, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते है।

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण:

राम आज दुुःखी है।
हमारी मित्रता अनमोल है।
दयालुता से बड़ा कोई कर्म नहीं है।
राम खुशी से उछल रहा है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयुक्त शब्द दुःखी, मित्रता, दयालुता एवं खुशी भाववाचक संज्ञा के उदाहरण हैं, हम केवल इन्हें महसूस कर सकते हैं देख या छू नहीं सकते है।

आधुनिक दृष्टिकोण से संज्ञा के कितने भेद/प्रकार होते है?

आधुनिक दृष्टिकोण से संज्ञा के मुख्यत: तीन प्रकार होते हैं, एवं वह तीनों प्रकार निम्नलिखित है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा
गणनीय संज्ञा
अगणनीय संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा: इसकी चर्चा हम पारंपरिक दृष्टिकोण में पहले ही कर चुके है।

गणनीय संज्ञा किसे कहते है?

वह संज्ञा जिन्हें गिनती किया जा सकते है, उन्हें गणनीय संज्ञा कहते है।

गणनीय संज्ञा के उदाहरण:

राम के पास चार गाय है।
छात्र कक्षा में बैठे हुए थे।
हमलोग पटना शहर में रहते है।
वहां एक कुत्तों का झुंड है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द गाय, छात्र, कक्षा, शहर, कुत्ते एवं झुंड गणनीय संज्ञा के उदाहरण हैं, क्योंकि गिना जा सकता है।

नोट: पारंपरिक दृष्टिकोण के जातिवाचक संज्ञा और समूहवाचक संज्ञा को ही गणनीय संज्ञा कहा जाता है।

अगणनीय संज्ञा किसे कहते है?

वह संज्ञा जिन्हें गिनती नहीं किया जा सकते है, उन्हें अगणनीय संज्ञा कहते है।

अगणनीय संज्ञा के उदाहरण:

मेरे पास चांदी का सिक्का है।
गाय दूध देती है।
कुवे से तेल निकल रहा है।
यह दीवार लोहे की है।
वह अपने मोटापे से परेशान है।
सीता और गीता के बीच अच्छी मित्रता है।

उपर्युक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द चांदी, दूध, तेल, लोहा, मोटापा एवं मित्रता अगणनीय संज्ञा के उदाहरण है; क्योंकि इन्हें गिनना संभव नहीं है।

नोट: पारंपरिक दृष्टिकोण के द्रव्यवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा को ही अगणनीय संज्ञा कहा जाता है।

वर्तमान दृष्टिकोण से संज्ञा के कितने भेद/प्रकार होते है?

वर्तमान दृष्टिकोण से संज्ञा के मुख्यत: दो प्रकार होते हैं, एवं वह तीनों प्रकार निम्नलिखित है।

ठोसवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा

ठोसवाचक संज्ञा किसे कहते है?

वह संज्ञा जिन्हें छुआ जा सकता हो, उन्हें ठोसवाचक संज्ञा कहते है।

ठोसवाचक संज्ञा के उदाहरण:

गिलास में पानी है।
गाय एक पालतू जानवर है।
वह एक अच्छा लड़का है।
यह सोने की घड़ी है।

उप्रयुक्त वाक्यों में प्रयोग होने वाले शब्द गिलास, पानी, गाय, जानवर, लड़का, सोना एवं घड़ी ठोसवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं; क्योंकि इन्हें छुआ जा सकता है।

नोट: पारंपरिक दृष्टिकोण के व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा को ही ठोसवाचक संज्ञा कहा जाता है।

भाववाचक संज्ञा: इसकी चर्चा हम पारंपरिक दृष्टिकोण में पहले ही कर चुके हैं।

sangya

उपर्युक्त जानकारियां पढ़ने के बाद अब तक आपको संज्ञा की परिभाषा, प्रकार एवं उसके पहचान के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। यदि संज्ञा के विषय में आपके कोई प्रश्न हो तो उसे आप कमेंट करके अवश्य पूछें।

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