काल‌ की परिभाषा (Kaal Ki Pribhasa) और उसकी संपूर्ण जानकारी।

काल‌ हिंदी व्याकरण का एक सामान्य पाठ है, काल की परिभाषा, प्रकार (भेद)‌ एवं उदाहरण की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको यह लेख अंत तक अवश्य पढ़ें।

काल किसे कहते हैं?

क्रिया का वह रूप जो समय को बोध करता है, उसे काल‌ कहते हैं।

काल का उदाहरण:

संगीता किताब पड़ती है।

रामू गरीबों की सहायता कर रहा है।

गीता अभी काम करती होगी।

सीता खाना खाएगी।

रामू स्कूल गया।

हमलोगों ने उनकी सहायता किया है।

राहुल पटना गया था।

वेलोग 2 दिनों से चल रहे थें।

उन लोगों ने फल खाया होगा।

तुम आते, तो मैं जाता।

वह पुस्तक पड़ेगा।

शायद कल वर्षा हो।

राधा नाचेगी, तो वह गाएगा।

उपर्युक्त सभी उदाहरण काल है, क्योंकि इन वाक्यों में प्रयोग होने वाले क्रिया के रूप समय का बोध कर रहे हैं।

काल के कितने प्रकार (भेद) होते हैं?

काल के मुख्यत: तीन भेद हैं, जो निम्नलिखित है।

(क) वर्तमानकाल

(ख) भूतकाल

(ग) भविष्यत्काल

वर्तमानकाल किसे कहते हैं?

काल का वह रूप जिससे वर्तमान समय में किसी क्रिया के होने या करने की जानकारी प्राप्त हो, उसे वर्तमानकाल कहते हैं।

वर्तमानकाल का उदाहरण:

गीता पुस्तक पढ़ती है।

बच्चे कक्षा में हल्ला करते हैं।

वे लोग गरीबों की सहायता कर रहे हैं।

हमलोग पाठ याद कर रहे हैं।

आप अपने माता-पिता से प्रेम करता होगा।

वेलोग प्रतिदिन यहां आते होंगे।

वर्तमानकाल के कितने प्रकार (भेद) होते हैं?

वर्तमानकाल के कुल 3 भेद होते हैं, जो निम्नलिखित हैं।

१. सामान्य वर्तमानकाल

२. तात्कालिक वर्तमानकाल

३. संदिग्ध वर्तमानकाल

सामान्य वर्तमानकाल

वैसे वर्तमानकाल जिससे क्रिया के वर्तमान समय में होने की समान्य जानकारी मिले, उसे सामान्य वर्तमानकाल कहते हैं।

सामान्य वर्तमानकाल का उदाहरण:

श्याम पढ़ता है।

सीता गीत गाती है।

तुम लोग मुझ पर नाचते हो।

हमलोग कविता लिखते हैं।

तात्कालिक वर्तमानकाल

वैसे वर्तमानकाल जिससे क्रिया के वर्तमान समय में लगातार होने की जानकारी मिले, उसे तात्कालिक वर्तमानकाल कहते हैं।

तात्कालिक वर्तमानकाल का उदाहरण:

मैं स्कूल जा रहा हूँ।

वेलोग कक्षा में पढ़ा रहे हैं। 

हमलोग गया जा रहे हैं।

तुम पक्षियों को दाना खिला रहे हो।

संदिग्ध वर्तमानकाल

वैसे वर्तमानकाल जिससे वर्तमान समय में क्रिया के होने में समय व्यक्त हो, उसे संदिग्ध वर्तमानकाल कहते हैं।

संदिग्ध वर्तमानकाल का उदाहरण:

गीता संगीत गाती होगी।

वेलोग आते होंगे।

तुम लोग हमें जानते होगे।

वह कविता लिखती होगी।

भूतकाल किसे कहते हैं?

काल का वह रूप जिससे बीते हुए समय में काम के होने या करने का बोध हो, उसे भूतकाल कहते हैं।

भूतकाल का उदाहरण:

राम ने यह काम किया।

उसने मुझे यह बात बताया।

तुमलोगों ने उन्हें बुलाया है।

वह आज स्कूल गया है।

मैंने चूहे को मारा था।

उनलोगों ने भोजन पकाया था।

रोहन और सोहन कविता लिख रहे थें।

संगीता में संगीत गाई होगी।

रामू ने तुम्हारी सहायता की होगी।

साइकिल होता, तो मैं चलाता।

स्कूल जाता, तो वह पढ़ता।

भूतकाल के कितने प्रकार (भेद) होते हैं?

भूतकाल के कुल 6 भेद होते हैं, जो निम्नलिखित हैं।

१. सामान्य भूतकाल

२. आसन्न भूतकाल

३. पूर्ण भूतकाल

४. अपूर्ण भूतकाल

५. संदिग्ध भूतकाल

६. हेतुहेतुमद् भूतकाल

सामान्य भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे क्रिया के समान रुप में समाप्त हो जाने का बोध हो, उसे सामान्य भूतकाल कहते हैं।

सामान्य भूतकाल का उदाहरण:

तुमने भात खाया।

मैंने कक्षा में प्रवेश किया।

रोहन ने मिठाई खाई।

मैं बाजार गया।

आसन्न भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे क्रिया के तुरंत समाप्त होने का बोध हो, उसे आसन्न भूतकाल कहते हैं।

आसन्न भूतकाल का उदाहरण:

उनलोगों ने मेरी पुस्तक चुराई है।

हमलोगों ने उनकी सहायता की है।

राहुल ने मुझे बताया है।

तुमने यह कार्य किया है।

पूर्ण भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे क्रिया की संपूर्ण समाधि का बोध हो, उसे पूर्ण भूतकाल कहते हैं।

पूर्ण भूतकाल का उदाहरण:

वेलोग बाजार गए थे।

तुमने पुस्तक खरीदी थी।

उसने गीत गाया था।

मैंने आपकी बात‌ मानी थी।

अपूर्ण भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे यह जाना जा सके कि क्रिया भूतकाल में प्रारंभ हुई परंतु उसकी समाप्ति की सूचना नहीं मिली है, उसे अपूर्ण भूतकाल कहते हैं।

अपूर्ण भूतकाल के उदाहरण:

मैं पढ़ रहे था।

वेलोग कविता लिख रहे थे।

रेनू मेरी सहायता कर रही थी।

सोनू पुस्तक पढ़ रहा था।

संदिग्ध भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे क्रिया के समाप्त होने में संदेह हो, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते हैं।

संदिग्ध भूतकाल का उदाहरण:

उन्होंने हमारी मदद कि होगी।

हमलोगों ने आपसे बात की होगी।

उसने खाना खाया होगा।

राम बाजार गया होगा।

हेतुहेतुमद् भूतकाल

वैसे भूतकाल जिससे यह जाना जा सके कि क्रिया भूतकाल में होनेवाली थी, लेकिन किसी के कारण से ना हो सकी, उसे हेतुहेतुमद् भूतकाल कहते हैं।

हेतुहेतुमद् भूतकाल के उदाहरण:

तुम आते, तो वह हंसता।

वह गाती, तो हम ताली बजाते।

मैं होता, तो वह जाता।

बच्चा सोता, तो मां आती।

भविष्यत्काल किसे कहते हैं?

काल का वह रूप जिससे आने वाले समय में किसी काम का होना या करना जाना जाए, उसे भविष्यत्काल कहते है।

भविष्यत्काल का उदाहरण:

रामू पुस्तक पढ़ेंगा।

रेनू कल बाजार जाएंगे।

शायद कल विद्यालय खुला रहे।

हो सकता है वेलोग आज आए।

भारत जीतेगा, तब मैं खुश हूंगा।

तुम जाओगे, तब वह आएगी।

भविष्यत्काल के कितने प्रकार (भेद) होते हैं?

भविष्यत्काल के कुल 3 भेद होते हैं, जो निम्नलिखित हैं।

१. सामान्य भविष्यत्काल

२. संभाव्य भविष्यत्काल

३. हेतुहेतुमद् भविष्यत्काल

सामान्य भविष्यत्काल

वैसे भविष्यत्काल जिससे आने वाले समय में क्रिया के होने की सामान्य जानकारी मिले, उसे सामान्य भविष्यत्काल कहते हैं।

सामान्य भविष्यत्काल का उदाहरण:

वह अंग्रेजी पुस्तक पढेगा।

मैं पटना जाऊंगा।

गीता क्रिकेट खेलेगी।

गीता हंसेगी।

संभाव्य भविष्यत्काल

वैसे भविष्यत्काल जिससे आने वाले समय में क्रिया के होने की संभावना प्रकट हो, उसे संभाव्य भविष्यत्काल कहते हैं।

संभाव्य भविष्यत्काल का उदाहरण:

तुम कल आओ।

हमलोग कल पढ़े।

वह कल गीत गाए।

शायद आज वर्षा हो।

हेतुहेतुमद् भविष्यत्काल

वैसे भविष्यत्काल जिससे आने वाले समय में क्रिया का होना या करना, किसी कारण की उपस्थिति पर निर्भर हो, उसे हेतुहेतुमद् भविष्यत्काल कहते हैं।

हेतुहेतुमद् भविष्यत्काल के उदाहरण:

तुम पढ़ोगे, तो मैं खाऊंगा।

वह जाएंगी, तो मैं आऊंगा।

हमलोग पढ़ेंगे, तब शिक्षक आएंगे।

मैं खाऊंग, तब वह सोएगा।

काल‌ की परिभाषा (Kaal Ki Pribhasa) और उसकी संपूर्ण जानकारी।

ऊपर दी गई जानकारियां पढ़ने के बाद अब तक आपको काल‌ के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी, यदि इस लेख को पढ़ने के बाद आपके पास काल‌ से संबंधी कोई प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट करके अवश्य पूछे, हम जल्द से जल्द आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

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