Sauryamandal Ke Grahon Ka Naam Aur Jankari | सौरमंडल के ग्रहों के नाम और जानकारी

सौरमंडल सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले विभिन्न ग्रहों, चन्द्रमा तथा अन्य आकाशीय पिंड) का बना है। आप यदि सौरमंडल के ग्रहों के नाम और जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, हम आपको बता दे कि इस लेख में हमने संपूर्ण जानकारी सरल शब्दों में आपके साथ साझा करने की प्रयास की है,‌ अतः आप इस लेख को अवश्य पढ़ें।

सौरमंडल के ग्रहों के नाम —

सौरमंडल में कुल आठ ग्रह — बुध, शुक्र, बृहस्पति, मंगल, शनि, अरुण, वरुण एवं पृथ्वी है, तथा दो‌ बैने ग्राह — यम एवं सेरस है।

ग्रहों का नाम व्यास कि. मी. में उपग्रहों (चंद्रमाओं) की संख्या
बुध 4, 878 0
शुक्र 12,104 0
पृथ्वी 12,756 - 12,714 1
मंगल 6,796 2
बृहस्पति 1,42,984 63
शनी 1,20,536 60
अरुण 51,118 27
वरुण 49,100 13

सौरमंडल के ग्रहों के बारे में जानकारी —

सौरमंडल के 8 ग्रहों के बारे में संपूर्ण जानकारियां निम्नलिखित हैं।

बुध —

१. बुध सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह है, यह में आकाश में सूर्य के निकलने से 2 घंटे पहले दिखाई पड़ता है।

२. बुध हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है, जिसके पास कोई भी उपग्रह (चांद) नहीं है।

३. बुध ग्रह सबसे विशेष गुनिया है कि इस ग्रह में चुंबकीय क्षेत्र पाया जाता है।

४. बुध सूर्य की परिक्रमा अन्य ग्रहों के मुकाबले सबसे कम समय में पूरा करता है।

शुक्र —

१. शुक्र पृथ्वी का निकटतम ग्रह है।

२. शुक्र सबसे चमकीला एवं सबसे गर्म ग्रह है।

३. शुक्र को “सांझ का तारा” या “भोर का तारा” के नाम से जाना जाता।

४. शुक्र अन्य ग्रहों के विपरीत पूरी की परिक्रमा दक्षिणवर्ती करता है।

५. शुक्र को पृथ्वी का भगिनी ग्रह कहते हैं, क्योंकि यह घनत्व, आकाश व्यास में पृथ्वी के समान है।

बृहस्पति — 

१. यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है, इसे अपने‌ दूरी पर चक्कर लगाने में 10 घंटा (सबसे कम) और सूर्य की परिक्रमा करने में 12 वर्ष लगता है।

२. बृहस्पति ग्राहक का एक उपग्रह ग्यानीमीड सभी उपग्रहों में सबसे बड़ा है, एवं इस उपग्रह का रंग पीला है।

मंगल —

१. मंगल ग्रह को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है, इस ग्रह का रंग लाल आयरन ऑक्साइड के कारण है।

२. मंगल ग्रह के पृथ्वी के समान दो ध्रुव है, तथा इसका कक्षा करीब 25 डिग्री के कोण पर झुका हुआ है। जिसके कारण मंगल ग्रह पर भी पृथ्वी के समान ऋतु‌ (मौसम) में परिवर्तन होता रहता है।

३. मंगल ग्रह अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक बार पूरा चक्कर लगाता है।

४. मंगल ग्रह सूर्य की परिक्रमा पूरा करने में 687 दिनों का समय लगाता है।

५. सॉरी मंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी एवं सबसे ऊंचा पर्वत जो माउंट एवरेस्ट की गुना अधिक ऊंचा है, मंगल ग्रह पर ही उपस्थित है।

शनि —

१. शनि आकार में हमारे सौर्य मंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है।

२. शनि ग्रह आकाश में पीले तारे के समान दिखाई पड़ता है।

३. शनि ग्रह की विशेषता यह है कि इसके तल के चारों ओर वलय यानी मोटी प्रकाश वाली कुंडली है।

४. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह (चांद) टाइटन हैं, यह आकार में बुध ग्रह के बराबर है।

अरुण —

१. अरुण हमारे सौरमंडल का तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है।

२. अरुण ग्रह की खोज 1781 ईस्वी में विलियम हर्शेल द्वारा की गई थी।

३. अरुण ग्रह के चारों ओर 9 वलय है, जिनमें से पांच वलियों का नाम — अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा एवं इप्सिलोन है।

४. अरुण ग्रह पर सूर्योदय पश्चिम की ओर एवं सूर्यास्त पूरब की ओर होता है।

५. अरुण ग्रह अपनी धुरी पर सूर्य की ओर एक ना झुका हुआ है कि लेटा हुआ दिखाई देता है, इसलिए इस ग्राहक को लेटा हुआ ग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

वरुण —

१. वरुण ग्रह की खोज आधार पर 1846 में जर्मन खुल खगोलज्ञ जहॉन गाले ने किया था।

२. वरुण ग्रह को हरे रंग का ग्रह भी कहा जाता है।

३. नई खगोलीय व्यवस्था के अनुसार अरुण ग्रह सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह है।

४. वरुण ग्रह के चारों ओर अति शीतल मिथेन का बादल छाया हुआ रहता है।

पृथ्वी —

१. पृथ्वी हमारे सौर्य मंडल का एक मात्र ऐसा ग्रह है, जहां जीवन संभव है।

२. पृथ्वी हमारे सौरमंडल का पांचवा सबसे बड़ा ग्रह है।

३. पृथ्वी का विषुवतीय व्यास 12,756 किलोमीटर और ध्रुवीय व्यास 12,714 किलोमीटर है।

४. पृथ्वी अपने अक्ष पर 47/2 डिग्री झुका हुआ है‌

५. पृथ्वी आकार एवं बनावट की दृष्टि से शुक्र ग्रह के समान हैं।

६. पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व 1610 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से 10 घंटे 56 मिनट और 4 सेकेंड में एक पूरा चक्कर लगाती है, पृथ्वी की इस गति को खोल या दैनिक गति कहते हैं, एवं पृथ्वी की इसी गति के कारण रात और दिन होता है।

७. पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है, जिसका नाम चंद्रमा है।

८. पृथ्वी पर जल की उपस्थिति के कारण इसे नीला ग्रह के नाम से भी जाना जाता है।

९. पृथ्वी का अक्स इसकी कक्षा के सफेद 66.5 डिग्री का कोन बनाता है।

सौरमंडल के बैने ग्रहों के बारे में जानकारी —

सौरमंडल के 2 बैने ग्रहों के बारे में संपूर्ण जानकारियां निम्नलिखित हैं।

यम —

१. यम ग्रह की खोज 1930 ईस्वी में क्लाड टामवो ने की थी।

२. अगस्त 2020 की आइ ए यू कि प्राग सम्मेलन में ग्राहक कहलाने वाले मापदंड पर खरे नहीं उतरने के कारण यम को ग्राह की श्रेणी से अलग कर बैने ग्रह की श्रेणी में रखा गया था।

३. आई ए यु ने यम का नया नाम 134340 रखा है।

सेरस —

१. सेरस की खोज इटली के खगोल शास्त्री पियाजी ने किया था।

२. आइ ए यू की नई परिभाषा के अनुसार इस ग्राह को‌ बैने ग्राहक की श्रेणी में रखा गया है जहां इसे संख्या 1 से जाना जाता है।

३. सेरस का व्यास बुध ग्रह के व्यास का एक 1/5 भाग है।

सौरमंडल के ग्रहों के नाम और जानकारी

सौरमंडल एवं उनकी ग्रहों के बारे में उपर्युक्त दी गई जानकारियां पढ़ने के बाद आपको सौर मंडल के बारे में बहुत सारे रोचक तथ्यों का पता लगा होगा, यदि आपके‌ के पास सौरमंडल के ग्रहों के नाम और जानकारी यानी इस लेख के संबंधी कोई प्रश्न हो तो आप मुझे कमेंट कराके अवश्य पुछे, हम जल्द से जल्द आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

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