LASER Full Form In Hindi | LASER क्या है?

लेजर जिसे लोग आमतौर पर लोग लेजर लाइट भी कहते हैं, बड़ी लेजर लाइट ना सही पर आप में छोटी लेजर लाइट को कभी ना कभी जरूर ही दखी होगी, क्योंकि छोटी लेजर लाइट बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाती है; और कुछ बच्चे तो इसके लेजर लाइट के साथ खेलते भी है। यदि आप लेजर के बारे में जाने के लिए थोड़े भी इच्छुक हैं, तो यह लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होने वाला है। क्योंकि इस लेख में हमने LASER Full Form एवं ‌LASER से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां आपके साथ साझा करने की कोशिश की है, जो हमारे रिसर्च के अनुसार पूर्ण रूप से तथ्यात्मक एवं सत्य है। यदि आप लेजर लाइट के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

LASER Full Form In Hindi

LASER का Full Form “Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation” होता है, जिसका हिंदी अर्थ यानी हिंदी Full Form “रेडिएशन यानी विकिरण के अधिक उत्सर्जन से रोशनी का फैलना” है।

LASER क्या है?

LASER एक यंत्र है, जो EMR यानी Eectromagnetic Radiation के अधीक फैलाव के आधार पर दृश्य (Optical) विस्तार की प्रक्रिया से प्रकाश निकालता है।

LASER के बारे में।

सर्वप्रथम LASER को 1960 के दशक में Theodore H. Maiman द्वारा Hughes Research Laboratories में बनाया गया था।

इस बात से तो आप अवश्य ही परिचित हो चुके है कि LASER प्रकाश का उत्सर्जन करता है, यानी प्रकाश निकालता है। लेकिन, क्या आप इस बात से भी परिचित है‌ की LASER से निकालने वाली प्रकाश अन्य किसी माध्यम से निकलने वाले प्रकाश से बिल्कुल अलग होता है? यदि आप इस बात से परिचित नहीं है, तो मैं आपको बता दूं कि LASER से जो प्रकाश निकलता है, वह अन्य माध्यम से निकलने वाले प्रकाश से बिल्कुल अलग होता है। क्योंकि LASER से जो प्रकाश निकलता है, वो‌ Coherent यानी ‌सुसंगत होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुसंगत का सरल अर्थ “मिला हुआ” या “जुड़ा हुआ” होता है। तो कहने का तात्पर्य यह हुआ कि LASER से जो प्रकाश उत्सर्जित होता है, वह जुटा हुआ होता है; या फिर मिला हुआ होता है। यदि आपने कभी LASER के प्रकाश को देखा होगा, तो आपने एक चीज जरूर नोटिस किया होगा कि लेजर की प्रकाश कभी फैलती नहीं है, इसकी रोशनी बिल्कुल किसी एक जगह पर एक बिंदु की तरह दिखाई देती है। अगर हम बात करेंगे किसी और माध्यम से निकलने वाले प्रकाश की तो उनसे निकलने वाला प्रकाश एक जगह पर मिलता हुआ प्रतीत नहीं होता है, बल्कि वह फैलता चला जाता है। आप उदाहरण ले लीजिए एक टोर्च की‌, अगर हम टॉर्च की प्रकाश को को देखें तो वह विसर्जित यानी फैले हुए रहते हैं, ना की किसी एक बिंदु पर मिले हुए जूटे हैं। अतः LASER के सुसंगत होने के कारण ही LASER Cuting जैसी टेक्नोलॉजी आज के समय में प्रसिद्ध हैं।

LASER का उपयोग।

LASER का उपयोग कार्यों एवं उपकरण में किया जाता है।

• ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव में।

• लेजर प्रिंटर में।

• बारकोड स्कैनर में।

• डीएनए अनुक्रमण उपकरणो में।

• फाइबर ऑप्टिक में।

• फोटोलिथोग्राफी में।

• मुक्त-अंतरिक्ष ऑप्टिकल संचार में।

• लेज़र सर्जरी एवं त्वचा का उपचार में।

• काटने और वेल्डिंग की सामग्री में।

• सैन्य और कानून प्रवर्तन उपकरण में।

• लेजर प्रकाश प्रदर्शन में (मनोरंजन के लिए)

• हेडलैम्प में ‌(महंगी गाड़ियों के लिए)

LASER का इतिहास।

1917 में Albert Einstein ने जब Quantum Theory of Radiation प्रकाशित किया, तभी उन्होंने LASER की सैद्धांतिक संस्थापना यानी लिखित संस्थापना कर‌ दिया थी। 1917 में Albert Einstein द्वारा LASER के लिखित सिद्धांत को प्रकाशित होने के बाद, 1928 में Rudolf W. Ladenburg इस बात की पुष्टि की अल्बर्ट आइंस्टाइन द्वारा LASER पर लिखी सिद्धांत बिल्कुल सत्य है।

जब 1928 में Rudolf W. Ladenburg इस सिद्धांत की पुष्टि हुई तो, उसके बाद कई वैज्ञानिकों ने सिद्धांत पर कार्य करना शुरू किया और लेजर बनाने में लगे रहे। ‌ एक सिद्धांत पर कार्य करने वाले सारे वैज्ञानिकों ने से सभी को सफलता तो नहीं मिली, पर कुछ को कुछ कुछ सफलता मिली, और फिर इसी प्रयासों के साथ 16 May 1960 में Theodore H. Maiman पहला LASER बनाने में सक्षम हूए। 1960 से लेकर अब तक LASER के बारे में कई नहीं जानकारियां वैज्ञानिकों ने प्राप्त की हैं, और लेजर लाइट की सहायता से मानव की जीवन भी आसान की है।

LASER

ऊपर दी गई जानकारियां पढ़ने के बाद अब तक आपको LASER के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी, यदि इस लेख को पढ़ने के बाद आपके पास LASER से संबंधी कोई प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट करके अवश्य पूछे, हम जल्द से जल्द आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ